किसी अंग पर तेल लगाकर रगड़ लिया और हो गई मालिश।ये सही नही है। यदि हम मालिश के रहस्य समझकर तथा उसके नियमों का पालन करके मालिश करें तभी मालिश का पूरा-पूरा लाभ उठाया जा सकता है।मालिश करने से न केवल मांसपेशियों में नई ऊर्जा का संचार होने के साथ-साथ उनकी आयु भी बढ़ती है। मालिश करते समय जरूरी नियमः- 1.एकाग्रता :-एकाग्र मन से मालिश की जाए तो शरीर के बेजान से बेजान भाग को भी जीवित किया जा सकता है। 2.शुद्ध विचार:-शुद्ध विचारों को मन में रखकर मालिश करने से आश्चर्यजनक लाभ उठाया जा सकता है। 3.मालिश का स्थान स्वच्छ और शान्त :-मालिश करने के लिए सबसे पहले मालिश का स्थान स्वच्छ और शान्त होना चाहिए। साथ ही वह स्थान खुला और वहां पर प्रकाश के आने का रास्ता भी होना चाहिए। 4.लिटाकर मालिश:-मालिश रोगी को लिटाकर की जानी चाहिए। रोगी को जमीन पर चटाई, गद्दा आदि बिछाकर या बड़ी मेज आदि पर लिटाकर मालिश करनी चाहिए। मालिश चारपाई आदि पर नहीं करनी चाहिए 5.ढीलेपन की अवस्था:-मालिश करने वाले का शरीर और हाथ-पांव बिल्कुल ढीले होने चाहिए। मालिश करने वाले के हाथ जितने ढीले होगें, रोगी पर उसका उतना ही अच्छा...