Skip to main content

नारियल के साथ कपूर का उपयोग/coconut oil

  नारियल के तेल मे कपूर मिलाकर उपयोग




1.स्किन के दाग को दूर करने के लिए नारियल के तेल में कपूर मिलाकर दाग पर लगाने से स्किन साफ हो जाती है।
2.बारिश के दिनों में त्वचा को कई रोगों का सामना करना पड़ता है नारियल के तेल में कपूर मिलाकर लगाए।
3.खुजली जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे बचने के लिए कपूर का इस्तेमाल करना चाहिए।
4.कपूर के टुकड़े को पानी में घोल कर उस जगह पर लगाना चाहिए जहाँ है। निशान से मुक्ति मिल जाती है।
5.गर्म पानी में कपूर डालकर पैर धोने से हमारी एडियां साफ हो जाती है और हमें दर्द से भी निजात मिलती है ।
6.रेग्युलर रात को सोने से पहले कच्चे दूध में जरा-सा कपूर का पाउडर डालें।  5 मिनट बाद धो लें। स्किन हेल्दी बनेगी और चेहरे का ग्लो बढ़ेगा।
7.मसल्स या जोड़ों के दर्द  है, तो दर्द वाली जगह पर कपूर के तेल से मालिश करें। जल्द राहत मिलेगी।
8.जैतून के तेल में कपूर मिलाकर सिर की मालिश करें तो स्ट्रेस और सिरदर्द की प्रॉब्लम दूर होगी।
9.कपूर को शुद्ध घी में मिलाकर मुंह के छालों मे लगाएं। छालों से राहत मिलेगी।


Coconut oil mixed with camphor
1. To remove skin stains, mixing camphor in coconut oil and applying it on the stain clears the skin.
 2. During the rainy days, the skin has to face many diseases and apply camphor in coconut oil.
 3. Problems like itching have to be faced.  To avoid this, camphor should be used.
 4. A piece of camphor should be dissolved in water and applied to the place where it is.  Scars get rid of.
 5. Washing our feet by adding camphor in hot water clears our heels and also gives us relief from pain.
 6. Regularly put a little camphor powder in raw milk before sleeping at night.  Wash off after 5 minutes.  The skin will become healthy and the glow of the face will increase.
 7. If you have pain in muscles or joints, then massage with camphor oil on the painful area.  Relief will come soon.
 8. Massage the head by mixing camphor in olive oil, then the problem of stress and headache will go away.
 9. Mix camphor with pure ghee and apply it on mouth ulcers.  You will get relief from ulcers.

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे/Amazing Benefits of Kinnow

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे सेहत के लिए किन्नू के फायदे किन्नू राजस्थान,पंजाब और हिमाचल में बहुत उगाया जाता हैं.इसे माल्टा(Malta) के नाम से भी.जाना जाता है। किन्नू खाने में खट्टा-मीठा होता हैं. किन्नू खाने के बहुत फायदे होते हैं।  संतरे के जैसे दिखने वाला किन्नू का स्वाद संतरे के जैसा ही होता हैं. यह सर्दियों में आसानी से मिल जाता हैं. इसमे मिनरल्स, आयरन, लाइम, फॉस्फोरस, विटामिन सी और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. किन्नू विटामिन सी  के साथ अनेक पोषक तत्वों से युक्त खट्टे  मीठे स्वाद वाला फल है। किन्नू खाना बच्चों से लेकर बड़े बूढ़े सभी लोगो को पसंद है।किन्नू में पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे स्वास्थ्य  के साथ साथ हमारी त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। आज हम आपको किन्नू(kinnow) से जुड़े स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदों के बारे में बताते हैं। किन्नू(kinnow) खाने के फायदे –Amazing Benefits of Kinnow 1.किन्नू जूस (kinnow juice) पीने से पेट में गैस और अपच  की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। 2. पेशाब और गुर्दे  से जुडी बीमारियों...

केर सांगरी की सब्जी और आचार / Kair Sangri Recipe and Pickle

                   केर  सांगरी / Kair Sangri                              सांगरी राजस्थान के  सूखे मेवों से बनी सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ ही पेट के रोगों को ठीक करने में भी औषधियां है खेजड़ी का पेड़ बड़ा व मजबूत होता है इसे पनपने के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। स पेड़ पर लगने वाली हरी फलियों को ही सांगरी कहा जाता है। सूखी हुई कैर सांगरी बड़े शहरों में किसी बड़ी किराना स्टोर पर मिल जाते हैं, कैर सांगरी को राजस्थान का मेवा भी कहा जाता है।                                 केर केर नाम की एक कंटीली झाड़ी रेगिस्तानी इलाकों में बहुतायत से पाई जाती है इस पर लगे छोटे छोटे बेरों के आकर के फल को ही केर कहते है। कैर के केरिया , सांगरी (खेजडे के वृक्ष की फली) काचर ,बोर (बैर के फल) और राजस्थान को छोड़कर तीनों लोकों में दुर्लभ है। कैर छोटे छोटे गोल गोल होते है। यह फल...

केले के गुण/ (Benefits Of banana)

ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। सुबह नाश्ते में यदि एक केला खा लिया जाए तो लंच तक भूख नहीं लगती। केला अगर आप खेल से जुड़े हुए हैं, तो आप केला डाइट में जरूर शामिल करें।पके और कच्चे दोनों प्रकार के केले का उपयोग होता है। पके केले का छिलका निकालकर खाया जाता है और कच्चे केले की सब्जी बनाई जाती है।  केला मधुर, पाचक, वीर्यवर्धक, मांस की वृद्धि करने वाला, भूख-प्यास शांत करने वाला होता है. केले के फूल की भी सब्जी बनाई जाती है। केले की मिठास उसमें मौजूद ग्लूकोज तत्त्व पर आधारित है। केला शरीर को मजबूत और बलवान बनाता है। केला एक ऐसा फल है जो हर मौसम में मिलता है। पका केला रक्तस्राव और प्रदर रोग में लाभकारी होता है। विभिन्न रोगों में उपचार: 1.. चोट या रगड़ लगना: चोट या रगड़ लगने पर केले के छिलके को उस स्थान पर बांधने से सूजन नहीं बढ़ती। पका हुआ केला और गेहूं का आटा पानी में मिलाकर गर्म करके लेप करें। 2.हृदय का दर्द: 2 केले 15 ग्राम शहद के साथ मिलाकर खाने से हृदय का दर्द ठीक होता है। 3.मासिकधर्म सम्बंधी परेशानियां: केले के तने को कुचलकर उसका चार चम्मच रस निकालकर 7-8 दिनों...