Skip to main content

केले के गुण/ (Benefits Of banana)






ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। सुबह नाश्ते में यदि एक केला खा लिया जाए तो लंच तक भूख नहीं लगती। केला अगर आप खेल से जुड़े हुए हैं, तो आप केला डाइट में जरूर शामिल करें।पके और कच्चे दोनों प्रकार के केले का उपयोग होता है। पके केले का छिलका निकालकर खाया जाता है और कच्चे केले की सब्जी बनाई जाती है।
 केला मधुर, पाचक, वीर्यवर्धक, मांस की वृद्धि करने वाला, भूख-प्यास शांत करने वाला होता है.
केले के फूल की भी सब्जी बनाई जाती है। केले की मिठास उसमें मौजूद ग्लूकोज तत्त्व पर आधारित है। केला शरीर को मजबूत और बलवान बनाता है। केला एक ऐसा फल है जो हर मौसम में मिलता है। पका केला रक्तस्राव और प्रदर रोग में लाभकारी होता है।

विभिन्न रोगों में उपचार:

1.. चोट या रगड़ लगना: चोट या रगड़ लगने पर केले के छिलके को उस स्थान पर बांधने से सूजन नहीं बढ़ती। पका हुआ केला और गेहूं का आटा पानी में मिलाकर गर्म करके लेप करें।

2.हृदय का दर्द: 2 केले 15 ग्राम शहद के साथ मिलाकर खाने से हृदय का दर्द ठीक होता है।

3.मासिकधर्म सम्बंधी परेशानियां: केले के तने को कुचलकर उसका चार चम्मच रस निकालकर 7-8 दिनों तक खाली पेट लेने से रुका हुआ मासिकधर्म नियमित होता है।

4.कान की सूजन: लगभग 20 से 40 मिलीलीटर केले का रस सुबह-शाम पीने से कान की सूजन दूर होती है।

5. मिट्टी खाना: अगर बच्चे को मिट्टी खाने की आदत हो तो पका हुआ केला शहद में मिलाकर खिलाना चाहिए। इसके सेवन से मिट्टी खाने की आदत छूट जाती है

6. दाद, खाज: केले के गूदे को नींबू के रस में पीस लें और दाद, खाज व खुजली में लगाएं। इससे दाद, खाज, खुजली दूर होती है।

7. पेट का दर्द: किसी भी प्रकार के पेट दर्द में केला खाना लाभकारी होता है। केला बच्चों और दुर्बल लोगों के लिएं पोषक आहार है। दस्त, पेट का दर्द और आमाशय व्रण में भोजन के रूप में केला खाना लाभकारी होता है।

8. दस्त:
        2 केला लगभग 100 ग्राम दही के साथ कुछ दिन तक खाने से दस्त व पेचिश को ठीक करता है।
केले के पेड़ के तने को पीसकर, 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में रस निकालकर पीने से दस्तों का बार-बार आना बंद होता है।

9.आग से जल जाना: आग से जल जाने पर केले को पीसकर लगाना लाभकारी होता है।

10.. नाक से खून आना: 1 गिलास दूध में चीनी मिलाकर 2 केले के साथ प्रतिदिन 10 दिनों तक खाने से नाक से खून आना बंद होता है।

11. पेशाब का रुक जाना:
             1.    केले के तने का रस 4 चम्मच और घी 2 चम्मच मिलाकर पीने से बंद हुआ पेशाब खुलकर आता है। इसके सेवन से पेशाब तुरंत आ जाता है।
         2. केले की जड़ के बीच के भाग वाले गूदे को पीसकर पेट के नाभि के नीचे तक लेप करने से बंद पेशाब खुलकर आने लगता है।

12. हिचकी:
 पानी के साथ घिसकर उसमें चीनी या मिश्री मिलाकर सेवन करने से हिचकी नहीं आती है।





13 पेडू़: कदली के पेड़ के गर्भ का रस निकालकर पीने से पेडू में पहुंचे हुए जहर दूर हो जाते है।

14.कमजोरी: खाना खाने के बाद तीन महीने तक केला खाने से कमजोरी दूर होती है।

15.काली खांसी: केले के सूखे पत्तों को जलाकर राख बना लें। इस राख को लगभग 6 मिलीग्राम शहद में मिलाकर रोगी को दिन में 3-4 बार देने से काली खांसी दूर होती है।

16. पुरानी खांसी: केला का शर्बत 2-2 चम्मच एक-एक घंटे के अंतर पर पीने से पुरानी खांसी में बहुत अधिक लाभ मिलता है।

17. खांसी:
      क्षय रोग में खांसी का प्रकोप होने पर 20 ग्राम केले के तने का रस दूध में मिलाकर पीने से बहुत लाभ मिलता है। दिन में 3-4 बार पीने पर बलगम में खून आना भी बंद होता है।
केले का छिलका जलाकर उसकी राख बनाकर रख लें। आधे ग्राम की मात्रा में यह राख शहद के साथ मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से पुरानी सूखी खांसी ठीक होती है।

18.गंजेपन : केले के गूदे को नींबू के रस के साथ पीसकर सिर पर लगाने से गंजेपन का रोग दूर है।

19.प्रदर रोग:
       पके केले पर छोटी इलायची को रखकर सेवन करने से प्रदर की बीमारी मिटती है।
पके केले को आंवले के रस में मिलाकर चीनी या मिश्री के साथ खाने से प्रदर रोग और बहुमूत्र (पेशाब का बार-बार आना) रोग में आराम मिलता है।
केले को शुद्ध देशी घी में भूनकर खाने से प्रदर रोग ठीक होता है।
खाना-खाने के बाद 2 केला खाकर ऊपर से एक गिलास शहद मिला गर्म दूध पीने से प्रदर रोग में फायदा होता है।

20.आंतों का घाव:
केले में अम्ल कम होने के करण इसमें घाव को भरने की शक्ति होती है। प्रतिदिन 3 केला भोजन करने के बाद खाने से आंतों का घाव ठीक होता है।
यदि पेट से जलन शुरू होकर गले तक फैलता हो तो 2 केले चीनी व इलायची मिलाकर खाना चाहिए। इससे अम्लपित्त (खट्टी डकारें) का रोग ठीक होता है।

21.कफ: कफ अधिक बनने पर केला और शहतूत खाना लाभदायक होता है।

22.प्यास अधिक लगना: गला सूखने व प्यास कम करने के लिए 2-2 केले प्रतिदिन 3 बार खाना चाहिए। इससे किसी भी कारण से अधिक प्यास का लगना बंद होता है।

23.जलोदर (पेट में पानी भरना): केले का रस 20 से 40 मिलीलीटर की मात्रा में सेवन करने से लाभ होता है।

24.पित्त बढ़ने पर:  पित्त बढ़ने पर या पित्त से सम्बंधित बीमारी में केले के तने का रस 20 से 40 मिलीलीटर सुबह-शाम लेने से लाभ मिलता है।

25.. रतौंधी (रात में दिखाई न देना): केले के पत्तों का रस आंखों में लगाने से रतौंधी रोग समाप्त होता है।

26.खून की उल्टी: मुलायम केला खाने से खून की उल्टी दूर होती है।

27 मुंह के छाले: मुंह में छाले होने पर प्रतिदिन सुबह 2 केले दही के साथ खाएं। इससे छाले व जीभ के दाने ठीक होते हैं।

28. परीक्षा से पहले केला खाना अच्छा होता है क्योंकि इसमें पाए जाने वाला पोटैशियम दिमाग को चुस्त और अलर्ट रखता

29.कान का बहना: केले के पत्तों का रस समुद्रफेन में मिलाकर कान में डालने से कान से मवाद बहना ठीक होता है।



Comments

Popular posts from this blog

केर सांगरी की सब्जी और आचार / Kair Sangri Recipe and Pickle

                   केर  सांगरी / Kair Sangri                              सांगरी राजस्थान के  सूखे मेवों से बनी सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ ही पेट के रोगों को ठीक करने में भी औषधियां है खेजड़ी का पेड़ बड़ा व मजबूत होता है इसे पनपने के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। स पेड़ पर लगने वाली हरी फलियों को ही सांगरी कहा जाता है। सूखी हुई कैर सांगरी बड़े शहरों में किसी बड़ी किराना स्टोर पर मिल जाते हैं, कैर सांगरी को राजस्थान का मेवा भी कहा जाता है।                                 केर केर नाम की एक कंटीली झाड़ी रेगिस्तानी इलाकों में बहुतायत से पाई जाती है इस पर लगे छोटे छोटे बेरों के आकर के फल को ही केर कहते है। कैर के केरिया , सांगरी (खेजडे के वृक्ष की फली) काचर ,बोर (बैर के फल) और राजस्थान को छोड़कर तीनों लोकों में दुर्लभ है। कैर छोटे छोटे गोल गोल होते है। यह फल...

समझे क्या है लाइव फूड और डेड फूड

               समझे क्या है लाइव फूड और डेड फूड आजकल जो बच्चों में समस्याएं आ रही हैं। पेट में दर्द, बहुत थका रहना ,काम में मन ना लगना ,इम्यूनिटी सिस्टम खराब हो जाना ,बहुत ज्यादा वजन बढ़ जाना, त्वचा संबंधित समस्या, हेयर प्रॉब्लम ,सांस लेने मे समस्या कई तरह की समस्याएं सामने आ रही है सारी समस्या आती है  डेडफूड कारण। जिससे हमारी बॉडी को कुछ भी पोषक तत्व नहीं मिलता। इसको खाने से हमारे शरीर में समस्याएं आती हैं और शरीर उसको नहीं पचा पाता । दूसरा फूड आता है लाइव फूड  वह होता है जिससे हमारे शरीर को विटामिन ,प्रोटीन मिनरल्स मिलते हैं । इन फूड की कैटेगरी में आते हैं फल, सब्जियां दाले ,अंकुरित अनाज  सारे लाइव फूड है। अब हम चाहते हैं कि हमारा बच्चा हमेशा लाइव फूड खाए उसके लिए बच्चों को प्रयोग करके दिखाना होगा। प्रयोग के लिए हम दो गमले लेते है। दोनो गमलों में अच्छे से मिट्टी भर देते हैं । अब हम उसमें थोड़ा पानी डाल देते हैं दोनों गमले में एक गमले में हम मूंग के दाने डालते हैं और  दूसरे गमले में हम चॉकलेट व बर्गर का टुकडा डालते है । अब इन...

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे/Amazing Benefits of Kinnow

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे सेहत के लिए किन्नू के फायदे किन्नू राजस्थान,पंजाब और हिमाचल में बहुत उगाया जाता हैं.इसे माल्टा(Malta) के नाम से भी.जाना जाता है। किन्नू खाने में खट्टा-मीठा होता हैं. किन्नू खाने के बहुत फायदे होते हैं।  संतरे के जैसे दिखने वाला किन्नू का स्वाद संतरे के जैसा ही होता हैं. यह सर्दियों में आसानी से मिल जाता हैं. इसमे मिनरल्स, आयरन, लाइम, फॉस्फोरस, विटामिन सी और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. किन्नू विटामिन सी  के साथ अनेक पोषक तत्वों से युक्त खट्टे  मीठे स्वाद वाला फल है। किन्नू खाना बच्चों से लेकर बड़े बूढ़े सभी लोगो को पसंद है।किन्नू में पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे स्वास्थ्य  के साथ साथ हमारी त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। आज हम आपको किन्नू(kinnow) से जुड़े स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदों के बारे में बताते हैं। किन्नू(kinnow) खाने के फायदे –Amazing Benefits of Kinnow 1.किन्नू जूस (kinnow juice) पीने से पेट में गैस और अपच  की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। 2. पेशाब और गुर्दे  से जुडी बीमारियों...