Skip to main content

केर सांगरी की सब्जी और आचार / Kair Sangri Recipe and Pickle


   

              केर  सांगरी /Kair Sangri



                            सांगरी

राजस्थान के  सूखे मेवों से बनी सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ ही पेट के रोगों को ठीक करने में भी औषधियां है खेजड़ी का पेड़ बड़ा व मजबूत होता है इसे पनपने के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। स पेड़ पर लगने वाली हरी फलियों को ही सांगरी कहा जाता है। सूखी हुई कैर सांगरी बड़े शहरों में किसी बड़ी किराना स्टोर पर मिल जाते हैं, कैर सांगरी को राजस्थान का मेवा भी कहा जाता है।

                               केर

केर नाम की एक कंटीली झाड़ी रेगिस्तानी इलाकों में बहुतायत से पाई जाती है इस पर लगे छोटे छोटे बेरों के आकर के फल को ही केर कहते है। कैर के केरिया , सांगरी (खेजडे के वृक्ष की फली) काचर ,बोर (बैर के फल) और राजस्थान को छोड़कर तीनों लोकों में दुर्लभ है। कैर छोटे छोटे गोल गोल होते है। यह फल कडवा होता है इसलिए इसे खाने योग्य बनाने के लिए इसे मिटटी के एक बड़े मटके में पानी में नमक का घोल बनाकर उसमें इसे कई दिनों तक डुबोकर रखा जाता है जिससे इसका कड़वापन ख़त्म होकर खट्टा मीठा स्वाद हो जाता है।इसका बिना सुखाये भी आचार व सब्जी बनाकर सेवन किया जा सकता है। राजस्थान में आचार बनाने के लिए यह लोगों की पहली पसंद है। आजकल बाजार में सूखा केर उपलब्ध रहता है।

यह उदर (पेट) की सभी बीमारियों में लाभदायी है। जैसे खिंपोळी (संधिवात) जोड़ों के में दर्द में रामबाण औषधी है। ये प्रकृति का नियम है कि जिस क्षेत्र में जो रोग ज्यादा होता है। वहां उस रोग की प्राकृतिक औषधियों की पैदावार अधिक होती हैं। ये सब्जियां साल भर रखनी हो तो इन्हें काम में लेने से पहले उबालना चाहिए। 




             केर  सांगरी की सब्जी 

             Kair Sangri Recipe     



आवश्यक सामग्री Ingredients for Kair Sangri Recipe

सांगरी - 2कप

कैर - 1/2कप

नमक - स्वादानुसार

अमचूर पाउडर - 2 छोटी चम्मच

हल्दी पाउडर - 1 चम्मच

तेल - 6-7टेबल स्पून

जीरा - 3/4छोटी चम्मच

हींग - 3 पिंच

साबुत लाल मिर्च - 3-4

लाल मिर्च पाउडर - 1- 1/2छोटी चम्मच

गरम मसाला - आधा छोटी चम्मच

हरा धनियां - 4-5टेबल स्पून

किशमिश - 4-5टेबल स्पून

विधि - How to make Kair Sangri Recipe

केर और सांगरी को अच्छे से साफ करे। अच्छी तरह पानी से धो लीजिये, और दोनो को अलग अलग 8-10 घंटे या रात भर के लिये पानी में भिगो कर रखे। इसके बाद केर सांगरी को पानी से निकाल और धो लीजिये।

केर सांगरी को उबालने के लिये कुकर में डालिये और 4 कप पानी डालिये और कुकर बन्द कर दीजिये, कुकर में एक सीटी लगाए। गैस धीमी कर लीजिये और केर सांगरी को धीमी गैस पर 2-3 मिनिट और उबलने दीजिये और गैस बन्द कर दीजिये। कैर सांगरी उबल कर तैयार हैं साफ पानी से सब्जी को और 1-2 बार धो लीजिये।

सब्जी बनाने के लिये कढ़ाई में तेल डालिये और जीरा डालिये, हींग भी डाल दीजिये, जीरा भुनने के बाद, हल्दी पाउडर, , साबुत लाल मिर्च डालिये, धनियां पाउडर मसाले को थोड़ा सा भून लीजिये. कैर सांगरी डाल दीजिये, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, गरम मसाला, नमक और किशमिश और सब्जी को चलाते हुये 3-4 मिनिट तक पकाइये. कैर सांगरी की सब्जी  तैयार हो गई है, हरा धनियां डालकर मिला दीजिये.
कैर सांगरी की सब्जी को फ्रिज में रखकर 2-3 दिन तक खा सकते है।



  केरी  का आचार/kairi Pickles







आवश्यक सामग्री - Ingredients for kairi Pickles

केरी -  250 ग्राम
हींग -  2-3 पिंच
सरसों का तेल - आधा कप
सिरका - 1 टेबल स्पून
नमक - स्वादानुसार,(1-1/2चम्मच)
हल्दी पाउडर - 1 छोटी चम्मच
लाल मिर्च - 1/4 छोटी चम्मच
राई ( पीली सरसों ) - 2 टेबल


विधि - How to Make kairi Pickles

1.केरी के डन्ठल तोड़कर उन्हैं साफ पानी से धो लीजिये।इन केरीयों को एक बर्तन ( यह चीनी मिट्टी का हो या प्लास्टिक का ) में भर कर इतना पानी भर दें कि केरी डूब जाये। अब इस बर्तन को ढ़ककर धूप में रख दीजिये। केरी का पानी 2 दिन बाद बदलते रहें।

2. 5-6 दिनों में केरी का हरा रंग, पीले रंग में बदल जाता है. अब इन केरीयों को 2 बार साफ पानी से धो कर छलनी में रख कर धूप में रख दीजिये. 2 - 3 घंटों में जब पानी सूख जाये तो अब हम इन का अचार बनायेगे।

3.सरसों के तेल को पैन में डालकर गरम  कीजिये, कढ़ाई को गैस से उतार कर नीचे रख लीजिये और तेल को हल्का ठंडा कर लीजिये।

4.हल्के गर्म तेल में हल्दी पाउडर और हींग डाल दीजिये।केरी, नमक और लाल मिर्च सिरका डाल कर भी मिक्स कर दीजिये।

5.केरी का अचार तैयार है,  2-3 दिन में अचार को चमचे से हिलाते रहे।

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

समझे क्या है लाइव फूड और डेड फूड

               समझे क्या है लाइव फूड और डेड फूड आजकल जो बच्चों में समस्याएं आ रही हैं। पेट में दर्द, बहुत थका रहना ,काम में मन ना लगना ,इम्यूनिटी सिस्टम खराब हो जाना ,बहुत ज्यादा वजन बढ़ जाना, त्वचा संबंधित समस्या, हेयर प्रॉब्लम ,सांस लेने मे समस्या कई तरह की समस्याएं सामने आ रही है सारी समस्या आती है  डेडफूड कारण। जिससे हमारी बॉडी को कुछ भी पोषक तत्व नहीं मिलता। इसको खाने से हमारे शरीर में समस्याएं आती हैं और शरीर उसको नहीं पचा पाता । दूसरा फूड आता है लाइव फूड  वह होता है जिससे हमारे शरीर को विटामिन ,प्रोटीन मिनरल्स मिलते हैं । इन फूड की कैटेगरी में आते हैं फल, सब्जियां दाले ,अंकुरित अनाज  सारे लाइव फूड है। अब हम चाहते हैं कि हमारा बच्चा हमेशा लाइव फूड खाए उसके लिए बच्चों को प्रयोग करके दिखाना होगा। प्रयोग के लिए हम दो गमले लेते है। दोनो गमलों में अच्छे से मिट्टी भर देते हैं । अब हम उसमें थोड़ा पानी डाल देते हैं दोनों गमले में एक गमले में हम मूंग के दाने डालते हैं और  दूसरे गमले में हम चॉकलेट व बर्गर का टुकडा डालते है । अब इन...

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे/Amazing Benefits of Kinnow

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे सेहत के लिए किन्नू के फायदे किन्नू राजस्थान,पंजाब और हिमाचल में बहुत उगाया जाता हैं.इसे माल्टा(Malta) के नाम से भी.जाना जाता है। किन्नू खाने में खट्टा-मीठा होता हैं. किन्नू खाने के बहुत फायदे होते हैं।  संतरे के जैसे दिखने वाला किन्नू का स्वाद संतरे के जैसा ही होता हैं. यह सर्दियों में आसानी से मिल जाता हैं. इसमे मिनरल्स, आयरन, लाइम, फॉस्फोरस, विटामिन सी और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. किन्नू विटामिन सी  के साथ अनेक पोषक तत्वों से युक्त खट्टे  मीठे स्वाद वाला फल है। किन्नू खाना बच्चों से लेकर बड़े बूढ़े सभी लोगो को पसंद है।किन्नू में पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे स्वास्थ्य  के साथ साथ हमारी त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। आज हम आपको किन्नू(kinnow) से जुड़े स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदों के बारे में बताते हैं। किन्नू(kinnow) खाने के फायदे –Amazing Benefits of Kinnow 1.किन्नू जूस (kinnow juice) पीने से पेट में गैस और अपच  की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। 2. पेशाब और गुर्दे  से जुडी बीमारियों...