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Time management

 आजकल जिसको भी देखो वही एक बात बोलता है ।कि मेरे पास समय नहीं है । पहले के जमाने में भी समय 24 घंटे का होता था अब भी समय 24 घंटे का है ।पर आज इतनी आधुनिक वातावरण हो गया है फिर भी लोगों के पास समय पहले के मुकाबले बहुत कम समय है । एक छात्र जो कुछ बनना चाहता है तो उस को  समय प्रबंधन अच्छे से करना होगा  

1 इसके लिए सबसे पहले हमें एक लॉग बुक तैयार करनी होगी लोगबुक वह है । जैसे एक ड्राइवर बस को चलाने पर सब हिसाब रखता है कि बस कितनी किलोमीटर चली ,कितने समय पर वह पहुंची । इसी तरह एक विद्यार्थी को भीअपनी समय की पूरी समयसारणी बनानी पड़ेगी । मैं किस-किस टाइम क्या कर रहा हूं। जैसे एक डॉक्टर पेशेंट को देखकर पहले एक कागज पर लिखता है । कि उसको क्या-क्या परेशानियां है उसकी परेशानी जान लेता है उसी प्रकार अगर छात्र टाइम टेबल पूरा पहले लिखे। कि वह अब क्या कर रहा है अपना टाइम किन चीजों में खराब कर रहा है कहां समय अच्छे से दे रहा है कहां समय कम करना है कहां टाइम ज्यादा करना है अगर यह चीज समझ ले तो वह सही मायने में अपना टाइम सही जगह लगा पाएगा। यह सही मायने समय का एक्स-रे- निकल आएगा कि हमारा समय ऐसा व्यतीत कर रही हैं । 

2. जीवन का लक्ष्य चुनो अगर आपका कोई लक्ष्य नहीं है तो सफलता मिला संभव नहीं है । क्योंकि अगर हमें हमारी मंजिल का ही नहीं पता कि हमें कहां पहुंचना है तो हम कितना भी चले पर मंजिल तक नहीं पहुंच सकते । उदाहरण से हम समझते हैं एक सेल्समैन है और उसके पिता हॉस्पिटल में भर्ती है ।अब उसको दुगनी गति अपनी सेल्स बढ़ाने होगी । अगर उसको बिल भरना है उसके पास एक लक्ष्य है कि अब उसको दुगनी स्पीड से काम करना होगा। और लक्ष्य का पीछा करते हुए अपने पिता के अस्पताल का बिल भी पूरा भरवा देता है। 

3. पार्किंसन के नियम इस नियम के अनुसार हमें जितना भी टाइम किसी काम को करने के लिए मिलता है ।हम उस कार्य को उतना ही फैला देते हैं। अगर घर में शादी है 3 महीने का टाइम है तो 3 महीने तक हम उसी काम में जुटे रहेंगे और अगर वही अंतिम सप्ताह में हम बहुत ज्यादा तीव्र गति से काम करते हैं क्योंकि उस वक्त समय कम रह जाता है  आप 2000 साड़ी 2 महीने में तैयार कर देते हैं और आपके पास आर्डर आया 4000 साड़ी 3 महीने में आपको तैयार करनी है तो आपने अपनी स्पीड बढ़कर 4000 साड़ियां 3 महीने में तैयार कर दी। तो इसका मतलब यह हुआ कि हम अपनी क्षमता के अनुसार पहले कम काम कर रहे थे, काम को न फैलने की बजाय कम समय में ज्यादा काम करें। 


4. यात्रा के समय में समय का सदुपयोग करें महात्मा गांधी यात्रा के समय अपना समय सो कर बिता लेते थे वह टाइम का सदुपयोग करते थे । माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल ग्रेट यात्रा के दौरान मोबाइल पर बात करते अपना महत्वपूर्ण फोन कॉल कर लेते थे। हम भी अपनी यात्रा के दौरान कोई बुक्स पढ़ सकते हैं ,कोई अखबार पढ़ सकते हैं ,यह कोई ऐसा काम जो दिमाग में आ रहे उसको लिख सकते हैं आगे की समय सीमा तय कर सकते हैं । हम लोग अक्सर करते क्या हैं हम सिर्फ सामने वाले से गपशप करने में ही अपना सारा समय निकाल देते हैं । मोबाइल का कम से कम उपयोग कर सकते हैं ज्यादा मोबाइल देखने के कारण या इंटरनेट का ज्यादा उपयोग करने के कारण हमारा आजकल समय बहुत बर्बाद हो रहा है । हमें ज्यादा से ज्यादा आलस से बचाना है । सुबह जल्दी उठने के समय हम लोग बोलते हैं अभी आधे घंटे में उठ रहे हैं आधे घंटे में उठ रहे हैं हम अपना कीमती समय वहा नष्ट कर देते हैं। अपना बुरी लतों से हमें बचाना है किसी से बहस करना या लड़ाई करना यह भी हमारे समय की बहुत बर्बादी कर देता है हमें हमेशा यह तय करना की कौन सा काम कब करना है । एक टाइम टेबल बनाकर चलना है एक बात का हमें ध्यान देना है कि यह जरूरी नहीं कि हमें कितने समय काम करना है महत्वपूर्ण है कि उसका परिणाम क्या है । अगर हमें भविष्य में लाभ चाहिए तो वर्तमान में हमें त्याग करना ही पड़ेगा। जो समय हमने बर्बाद किया है वह समय कभी लौट के नहीं आता। अपने प्राइमटाइम को समझें जिस समय हम अपना सबसे अच्छा टाइम व्यतीत करते है। जिस समय हम कोई पुस्तक पढ़ते हैं और हमें वह याद हो जाती है। तो वह हमारा प्राइम टाइम है ।उस समय को हमेशा अच्छे से व्यवस्थित करके उसमें अच्छे से अपना मन लगाकर पढ़ना है ताकि उससे रिजल्ट भी अच्छा है  जो प्राइम टाइम होता है हर इंसान का अलग होता है  जो व्यक्ति टाइम का प्रबंधन करना सीख गया। वह किसी भी मुकाम तक पहुंचा हो सकता है । 

धन्यवाद  

संदीप मित्तल

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