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चलो भारत को ओर जाने।

              चलो भारत को ओर जाने। 




भारत 15 अगस्त 2023 को 77वा स्वतंत्र दिवस बनाने जा रहा । चलो भारत को ओर जाने ।भारत को भारतवर्ष, जम्बूद्वीप, भारतखण्ड, आर्यावर्त, हिन्दुस्तान, हिन्द, अल-हिन्द, ग्यागर, फग्युल, तियानझू, होडू आदि अन्य नामों से भी जाना जाता है। हमारे देश को विभिन्न नामों से जाना जाता है। कोई तो हमारे देश को इंडिया बोलता है कोई हमारे देश को भारत बोलता है। और कोई हमारे देश को हिंदुस्तान को बोलता है।  हम यह जानने की कोशिश करते है यह तीनों नाम इसके पडे कैसे।राम के पूर्वज सम्राट भारत थे । वे बहुत वडे चक्रवर्ती सम्राट थे ।उन्ही के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा । 

अब हम जानते हैं कि हमारे देश का नाम इंडिया कैसे पड़ा।सिंधु घाटी का दूसरा नाम इंडस वैली भी कहा जाता है । सिंधु घाटी  मैं रोम की सभ्यता है। इसलिए वह बहुत प्रसिद्ध भी थी। सिंधुवैली के कारण देश का नाम इंडिया पड़ा।दूसरा मत है जब अंग्रेज भारत आए तो उनको हिंदुस्तान या हिंद का उच्चारण करने में समस्या आई। तो उन्होंने देखा कि सिंधु घाटी का नाम इंडस वैली है । तो उन्होंने भारत का नाम इंडिया रख दिया। 

एक अन्य कारण और है जब अलेक्जेंडर भारत आया।तो उसने अंग्रेजी में HIND का  H हटाकर देश को इन INDU दिया। होते होते धीरे-धीरे यह है इंडिया बन गया और वैसे यह हमारे संविधान में आज भी भारतवर्ष है। हमारे देश का नाम जितना महान है उतना ही हमारा देश महान और हमें अपने देश पर गर्व है जिस प्रकार हमारे देश के कई नाम है उसी प्रकार हमारे देश में विभिन्न प्रकार की भाषाएं बोली जाती है विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं हिंदू , मुस्लिम ,सिख, इसाई सभी आपस में भाईचारे से रहते हैं। यही तो हमारे देश की खूबसूरती है । 

धन्यवाद 

वंदना अग्रवाल

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