Skip to main content

 

       बेटियों को यह सिखाओ और बचाओ

स्कूल-कॉलेज , पार्क, बसस्टैंड, सार्वजनिक  स्थानों पर लड़कियों, औरतों को  छेड़ने का मामला हम आए दिन न्यूज़ चैनल व टीवी पर देखते हैं । यह एक आम बात हो गई है   किसी महिला से पूछा जाए क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है  तो उनका कहना है कि किसी ना किसी तरीके से उनको भी  मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। कुछ बातें हमें अपनी बेटियों को सीखनी है और उन्हें बचाना है । 

1.कोई भी लड़का किसी लड़की को छेडता है। तो उस लड़की को चाहिए कि वह उस बात को हल्के में ना ले और किसी भी तरीके से स्माइल पास ना करें ताकि उसे लड़के को यह ना लगे  जो मैं कर रहा हूं वह सही है। हमेशा अपने  चेहरे पर गंभीरता रखें। लड़की को चाहिए वह मजबूती से अपने आप को संभाले। 

2.यदि कोई लड़का किसी लड़की को रास्ते पर छेड रहा है तो  1090 हेल्पलाइन नंबर है उस पर कॉल करें। यह नंबर पर कॉल करने पर आपकी जानकारी किसी अन्य को नहीं दी जाती। ना ही पुलिस द्वारा आपके पास आकर आपसे कोई जानकारी ली जाती है ।यहा लड़की की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। 

3. अगर कोई लड़का किसी लड़की को छेड़ रहा है तो इस बात की जानकारी लड़की को अवश्य अपने घर वालों को या परिचित को या  ऐसा सदस्य जिस पर वह पूरा विश्वास करती है उसकी पूरी बात बताएं ।  हर एक लड़की को अपने मोबाइल के अंदर कुछ ऐप को हमेशा इंस्टॉल करके रखना चाहिए। 

 1.NIRBHYA BE FEARLESS APP

2.I FEEL SAFE

3.WOMEN SAFTY

इन App की मदद से हम अपने आप को किसी न किसी तरीके से बचा सकते हैं। यह app का काम  महिला को सुरक्षा प्रदान करना है। 

4. हमें अपनी बेटी को यह सीखना है कि रास्ते में कोई अगर उनसे छेड़खानी कर रहा है तो वहां पर जो लोग मौजूद है उनकी वह सहायता ले सकती है और जोर-जोर से चिल्लाकर अपने आप को बचा सकती है डरना किसी चीज का समाधान नहीं है हम लोग जितना डरते हैं । उतना ही सामने वाले की हिम्मत बढ़ती है। 

5. अगर देर रात हो गई तब आपको पास में किसी दुकान या मकान में चला जाना है अगर  वहां ऐसा कुछ भी नहीं है तो पास में  कोई एटीएम मशीन वहां चला जाना सही रहेगा क्योंकि वहां कैमरा भी होता है और सिक्योरिटी गार्ड भी होता है। हो सके तो रात में अकेले सुनसान एरिया जाने से बचें। 

6.आप कार चला रहे हैं तो सुनसान एरिया से बचें। कार में हमेशा बैठते समय पीछे वाली सीट हमेशा चेक करें। हमेशा गेट बन्द करें किसी भी परिस्थिति में किसी भी अनजान व्यक्ति के लिए कार का गेट ना खोलें । कार को ना रोके शॉर्टकट के चक्कर में सुनना रास्ते से ना जाए। 

इन छोटी-छोटी सावधानी से हम किसी बड़े खतरे को टाल सकते हैं।     

                              वंदना अग्रवाल प्रेरक

Comments

Popular posts from this blog

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे/Amazing Benefits of Kinnow

किन्नू(kinnow) के लाभकारी गुण और फायदे सेहत के लिए किन्नू के फायदे किन्नू राजस्थान,पंजाब और हिमाचल में बहुत उगाया जाता हैं.इसे माल्टा(Malta) के नाम से भी.जाना जाता है। किन्नू खाने में खट्टा-मीठा होता हैं. किन्नू खाने के बहुत फायदे होते हैं।  संतरे के जैसे दिखने वाला किन्नू का स्वाद संतरे के जैसा ही होता हैं. यह सर्दियों में आसानी से मिल जाता हैं. इसमे मिनरल्स, आयरन, लाइम, फॉस्फोरस, विटामिन सी और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. किन्नू विटामिन सी  के साथ अनेक पोषक तत्वों से युक्त खट्टे  मीठे स्वाद वाला फल है। किन्नू खाना बच्चों से लेकर बड़े बूढ़े सभी लोगो को पसंद है।किन्नू में पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे स्वास्थ्य  के साथ साथ हमारी त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। आज हम आपको किन्नू(kinnow) से जुड़े स्वास्थ्य सम्बन्धी फायदों के बारे में बताते हैं। किन्नू(kinnow) खाने के फायदे –Amazing Benefits of Kinnow 1.किन्नू जूस (kinnow juice) पीने से पेट में गैस और अपच  की समस्या से छुटकारा मिल जाता है। 2. पेशाब और गुर्दे  से जुडी बीमारियों...

केर सांगरी की सब्जी और आचार / Kair Sangri Recipe and Pickle

                   केर  सांगरी / Kair Sangri                              सांगरी राजस्थान के  सूखे मेवों से बनी सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ ही पेट के रोगों को ठीक करने में भी औषधियां है खेजड़ी का पेड़ बड़ा व मजबूत होता है इसे पनपने के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। स पेड़ पर लगने वाली हरी फलियों को ही सांगरी कहा जाता है। सूखी हुई कैर सांगरी बड़े शहरों में किसी बड़ी किराना स्टोर पर मिल जाते हैं, कैर सांगरी को राजस्थान का मेवा भी कहा जाता है।                                 केर केर नाम की एक कंटीली झाड़ी रेगिस्तानी इलाकों में बहुतायत से पाई जाती है इस पर लगे छोटे छोटे बेरों के आकर के फल को ही केर कहते है। कैर के केरिया , सांगरी (खेजडे के वृक्ष की फली) काचर ,बोर (बैर के फल) और राजस्थान को छोड़कर तीनों लोकों में दुर्लभ है। कैर छोटे छोटे गोल गोल होते है। यह फल...

बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना, चूरने कीड़े / Bed Wetting

बच्चा बिस्तर में पेशाब करता है – Bistar me peshab  बच्चे रात को सोते हुये बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। पेट में कीड़े होने पर भी बच्चे सोते हुए बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं। स्नायु विकृति में शरीर में बहुत ज्यादा उत्तेजना होती है। ऐसे में बच्चा सोते हुए पेशाब करने पर काबू नहीं कर पाता और पेशाब कर देता है। पेशाब की नली में रोग के कारण भी बच्चा सोते हुए पेशाब कर देता है।बच्चे को सोने से 1 घंटा पहले भोजन करा देना चाहिए। बच्चे को सोने के बाद उसे जगाकर कुछ भी खाने और पीने को नहीं देना चाहिए। बच्चे को बिस्तर पर जाने से पहले एक बार पेशाब जरूर करा देना चाहिए।इन परेशानियों में घरेलु नुस्खे बहुत काम आते है। ये बच्चों के रोगों के घरेलु उपाय बड़े उपयोगी साबित होते है। औषधियों से उपचार- 1. आंवला : लगभग 10-10 ग्राम आंवला और काला जीरा लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण में इतनी ही मिश्री पीसकर मिला लें। यह 2-2 ग्राम चूर्ण रोजाना पानी के साथ खाने से बच्चे का बिस्तर में पेशाब करना बंद हो जाता है। आंवले को बहुत अच्छी तरह से बारीक पीसकर कपड़े में छानकर चूर्ण बना लें। यह 3-3 ग्राम चूर्ण र...