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(माहवारी चक्र ,अनियमित,दर्द से छुटकारा/ Mahwari,Menstrual Cycle)


माहवारी(mahwri)चक्र ,अनियमित,दर्द से छुटकारा

आपने 14 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं में मासिक धर्म की समस्याओं के बारे में अवश्य सुना होगा। अनियमित मासिक धर्म के कई कारण हो सकते हैं , जिनमें हार्मोनल असंतुलन (hormonal disorder), खानपान में मिलावट, जीवनशैली में परिवर्तन तथा दवाइयों का प्रभाव मुख्य है।आधुनिक जीवनशैली के कारण ढेर सारी महिलाओं को अनयिमित पीरियड्स का सामना करना पड़ रहा है. अनयिमित पीरियड के कई कारण हैं, जैसे: वजन बहुत ज्यादा या बहुत कम होना, खून की कमी, सिगरेट पीना, ज्यादा कॉफी पीने की लत, दवाओं का ज्यादा सेवन करना,10 से 16साल की आयु की लड़की के अंडाशय हर महीने एक विकसित डिम्ब (अण्डा) उत्पन्न करना शुरू कर देते हैं। वह अण्डा अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) के द्वारा नीचे जाता है जो कि अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। डिम्ब का पुरूष के शुक्राणु से सम्मिलन न हो तो वह स्राव बन जाता है जो कि योनि से निष्कासित हो जाता है। इसी स्राव को मासिक धर्म, रजोधर्म या माहवारी (Menstural Cycle or MC) कहते हैं।


माहवारी (mahwari) चक्र की सामान्य अवधि क्या है?
माहवारी चक्र महीने में एक बार होता है, सामान्यतः 28 से 32 दिनों में एक बार। हालांकि अधिकतर मासिक धर्म का समय तीन से पांच दिन रहता है परन्तु दो से सात दिन तक की अवधि को सामान्य माना जाता है।


माहवारी का अभाव क्या होता है?
यदि 16 वर्ष की आयु तक माहवारी न हो तो उसे माहवासी अभाव कहते हैं। कारण है-
(1) औरत कंत्र में जन्म से होने वाला विकास
(2) योनि (योनिच्छद) के प्रवेशद्वारा की झिल्ली में रास्ते की कमी
(3) मस्तिष्क की ग्रन्थियों में रोग।


अनियमित माहवारी (mahwari)
अगर आप भी अनियमित मासिक धर्म की शिकार हैं तो इसे ओलिगोमेनोरिया (oligomenorrhea) कहा जाता है। कई महिलाएं और लडकियां हर 2 या 3 महीन के बाद अनियमित मासिक धर्म की शिकार होती हैं, जो एक महिला के शरीर के लिए काफी हानिकारक हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ महिला की माहवारी का समय 21 से 35 दिन के बीच का होता है। परन्तु ज़्यादा मात्रा में असामान्य मासिक धर्म होना भी शरीर के लिए अच्छा नहीं होता, क्योंकि इससे आपके स्वास्थ्य को हानि पहुँचती है और गर्भावस्था के दौरान भी कई समस्याएं हो सकती हैं। कुछ आसान घरेलू नुस्खों से आप इस समस्या को दूर कर सकते हैं।

अनियमित मासिक से बचने के उपाय

1.पीरियड के दौरान हर दिन एक अनानास का जूस पिएँ.

2.दो चम्मच एलोवेरा जूस और एक चम्मच शहद को मिलाकर लेने से भी फायदा पहुँचता है.

3.एक चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर लेने से लाभ होता है.

4.इस दौरान आपको केला खाना चाहिए, इससे आपको नींद भी अच्छी आएगी और दर्द भी दूर होगा.

5.पालक, पत्ता गोभी, कद्दू आदि खाएँ.

6.कब्ज पैदा करने वाले चीज पीरियड्स के दौरान न खाएँ. खट्टी चीजों, भूने हुए चीजों और प्रोटीन से भरी दालों का सेवन न करें.

7. आराम करे।

8.हर दिन व्यायाम कीजिए, इससे शरीर का तापमान सामान्य बना रहेगा. और अनियमित पीरियड कंट्रोल में रहेगा.

9.बहुत सारा पानी पीयें।

10.1 ग्लास पानी में सौंफ को उबालकर पीजिए.

11.मासिक के दौरान फ़ास्ट फ़ूड न खाएँ.

12.अनानस खाना भी आपको फायदा पहुँचायेगा.

हरा पपीता का सेवन
माहवारी की समस्या के लिए आधा पका हुआ या हरा पपीता का सेवन आपके अनियमित मासिक(irregular period) धर्म को सामान्य करने में मदद करता है। क्योंकि यह एक अच्छा और मजबूत ओषधि (emmenagogue) के रूप में काम करता है, और गर्भाशय की मांसपेशियों को समुचित संकुचन में मदद करता है। देरी से आने वाले मासिक धर्म के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद होता है। आधे पके हुए पपीते का 2 महीने तक लगातार सेवन करे और फर्क देखे। मासिक धर्म के समय इसे खाना नज़रंदाज़ करे।

सौंफ के बीज  (Fennel seeds)
सौंफ के बीज या सौंफ भी आपके नियमित मासिक (regular period) में मदद कर सकते है। इन्हें लेने के लिए 2 चम्मच सौंफ के बीज 1 गिलास पानी में मिलाये और एक रात रखे रहने दे। एक मलमल के कपडे से या छलनी से इसे छान ले और पि ले। याद रहे इस औषधि का नियमित रूप से सेवन करे अच्छे परिणाम के लिए।

 अंगूर (grapes)
अनियमित पीरियड (irregular period cycle) को नियमित करने के लिए अंगूर को भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। अंगूर के रस का नियमित रूप से सेवन करना बहुत फायदेमंद है।




 मासिक धर्म अनियमित होने या बिलकुल न होने पर


अंजीर:-4, 5 अंजीर ले और इसे एक कप पानी में उबाल ले। अब इस काढ़े को छान ले और नियमित रूप से सेवन करे। अगर आप इस उपचार को नियमित रूप से लेती है तो यह आपकी मदद करेगा

पपीते (Papaya)
सबसे सामान्य एवं असरदार तरीका है आपले अनियमित मासिक चक्र(irregular menstrual cycle) को नियमित करने का पपीते को उबाल ले या पपीते के रस का नियमित रूप से सेवन करे। अगर आप इसकी आदत बना ले तो आप यकींन करे आप अच्छा परिणाम पाएंगे।

 गाज़र (Carrot)
अनियमित मासिक चक्र (irregular menstrual cycle) से लड़ने के लिए कच्ची गाज़र या गाज़र का रस भी बहुत अच्छा होता है।

एलोवेरा (Aloe Vera)
एलोवेरा का गुदा या रस भी अनियमित समय को ठीक करने में मदद करता है। सभी सुझाव का नियमित रूप से पालन करे, निश्चित सकारात्मक परिणाम पाने में यह आपकी मदद करेंगे। एलोवेरा माहवारी के लिए ज़िम्मेदार हार्मोन्स को नियंत्रित करता है

गन्ने के रस (Sugarcane juice)
मासिक धर्म अनियमित होना, अनियमित माहवारी को सामान्य करने के लिए माहवारी चक्र के 1 या 2 हफ्ते पहले से गन्ने के रस का सेवन करे यह आपकी मदद करे।

अदरक ( ginger)
अदरक मासिक धर्म चक्र को नियमित (periods aane ke liye kya kare) अनियमित माहवारी के लिए अदरक का उपयोग केसे करे? एक कप पानी में 1 चम्मच ताज़ा अदरक 5 मिनिट के लिए उबाले। अब  इसमें थोड़ी शक्कर मिलाये और इस मिश्रण को खाना खाने के बाद 3 बार पिए। इसे कम से कम 1 महीने के लिए लगातार करे यह आपकी मदद करेगा।

तिल (Sesame seeds)
 तिल मासिक धर्म को सुचारू रूप से चलाने में तिल काफी उपयोगी होती है।मुट्ठीभर भुना हुआ तिल लें और इसे तब तक पीसें जब तक कि ये पाउडर ना बन जाए। इस पाउडर को एक पात्र में रखें तथा हर दिन एक चम्मच शहद के साथ खाएं। इसे कुछ हफ़्तों तक खाने के बाद ही आपको फर्क दिखना शुरू हो जाएगा।

मासिकधर्म में दर्द से छुटकारा

कभी-कभी गर्भाशय के सिकुड़ने पर रक्त-वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है और ऑक्सीजन की आपूर्ति में रुकावट आती है। तब हमे दद का.आभास होता है।

1.पीरियड के दौरान पेट या पीठ में गर्म पानी के थैले से सेकने से आराम मिलता है.

2.कच्चे पपीते का सेवन करना अनियमित पीरियड में लाभ पहुंचाता है. कच्चा पपीता खाने से पीरियड समय पर आता है

3.पीरियड्स के दौरान पके हुए पपीते का सेवन करना भी, पीरियड्स के दर्द को कम करता है.

4.पीरियड्स के दौरान हर दिन एक ग्लास गाजर का जूस पीजिए. यह आपके दर्द को कम करेगा.

5.मासिक के दौरान लैवेंडर या सरसों के तेल से पेट पर     10-15 मिनट मालिश करने से भी फायदा पहुँचता है.

 6.हल्दी के साथ गुड  -अब तक आपने केवल हल्दी का जीवाणुरोधी गुण के बारे में सुना होगा। हालांकि हल्दी बहुत से महत्वपूर्ण गुणों से भरी हुई है। इसका प्रयोग आप मासिक धर्म प्रवाह उत्तेजक के लिए कर सकते है। इसके अलावा, यह मासिक धर्म में दर्द से राहत में मदद करते हैं। 1/4 चम्मच हल्दी के साथ गुड, शहद और दुध रोज़ सुबह 2 हफ्ते के लिए ले और परिणाम देखें।

7.नियमित रूप से व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाइये: किये गए अध्ययन ये बताते हैं कि जो महिलाऐं नियमित तौर पर व्यायाम करती हैं उन्हें मासिकधर्म संबंधी दर्द अधिक नहीं होता।

8.अपने पैर थोड़ा ऊपर कर के लेट जाइए, और 20 मिनट तक आराम कीजिये। 

9.सिगरेट और शराब से दूर रहें। ये सब चीजें स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक होने के साथ साथ आपके मासिकधर्म संबंधी समस्या में इजाफा भी कर सकती हैं।

10.अपना ध्यान बटाने की कोशिश करें। जितना अधिक आप दर्द पर गौर करेंगी उतना ही अधिक आप इसे महसूस करेंगी ।

11.दर्द की जगह पर गर्म कपड़ा रखें।

12.दूध और कैफीन लेने से बचें, ये मासिकधर्म संबंधी दर्द को और बदतर कर सकते हैं।

13.तकियों के सहारे पैरों को थोडा ऊंचाई पर रखें।

14.लेटने के अलग अलग तरीके आजमायें जब तक कि आराम न मिले।

15.पीड़ादायक माहवारी के लिए डाक्टर से परामर्श लेना चाहिए । रक्त के बड़े-बड़े थक्के निकलते हों तो डाक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

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